शनिवार, 8 अगस्त 2009

एक स्कूल मे की गयी बगीचे की रचना...जो अब नही रही..बहार की ओरसे पूरी तरह सुरक्षा रखी गयी थी..एक वायर तथा लकडी की फेंस बनाके...

8 टिप्‍पणियां:

  1. shamaji
    अरे! इतनी सुरक्षा के बाद भी बगीचे की यह हाल ?

    आभार/ मगल भावनाऐ
    हे! प्रभु यह तेरापन्थ
    मुम्बई-टाईगर
    SELECTION & COLLECTION

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  2. ऐसा क्यों हुआ ..?? कहाँ गयी सारी रौनक ..!!

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  3. कुछ हम लोगों को बताइये बोनसाई वगैरा के बारे में>

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  4. आपका पौधाप्रेम वास्तव में सराहनीय है मेरी बड़ी इच्छा होती की पेड़ पौधों से रिश्ता बनाऊ पर क्या करें परदेस में हैं |

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  5. आज़ादी की 62वीं सालगिरह की हार्दिक शुभकामनाएं। इस सुअवसर पर मेरे ब्लोग की प्रथम वर्षगांठ है। आप लोगों के प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष मिले सहयोग एवं प्रोत्साहन के लिए मैं आपकी आभारी हूं। प्रथम वर्षगांठ पर मेरे ब्लोग पर पधार मुझे कृतार्थ करें। शुभ कामनाओं के साथ-
    रचना गौड़ ‘भारती’

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  6. aap bahut mahtvpoorn kaam ker rahi hai..aapko badhai...chandrapal@aakhar.org

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  7. आपको पौंधों से प्यार
    मुझे भी है
    आपके विचार अच्छें हैं

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